26 जनवरी पर सलोगन || देश भक्ति सलोगन ||15 अगस्त पर सलोगन 


दोस्तों नमस्कार,
  सबसे पहले आप सभी को हमरी टीम की तरफ से इस पावन पर्व 26जनवरी की ढेर सारी बधाईयाँ
   आज हम आप  के लिये लेकर आये है 26 जनवरी पर बहुत जोशीले और ज्ञान से भरे सलोगन जो आप को हमेशा की भांति जरुर पसंद आयेंगे


v इतनी सी बात हवाओ को बताये रखना ,    

    रोशनी होगी चिरगों को जलाये रखना,

     लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने
    ऐसे तिरंगे को हमेशा अपने दिल में बसाये रखना|


v आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे,

    शहीदों की क़ुरबानी बदनाम नहीं होने देंगे,

    बची हो तो एक बूंद भी गरम लहू की, 

   तो भारत माता का अंचल नीलम नही होने दंगे|


v अभी भी जिसका खून न खौला,

   वो खून नहीं पानी है,   

  जो देश कके काम न आये
   वो बेकार जवानी है|

  

v कुछ नशा तिरंगे की आन का है,  

 कुछ नशा मातृभूमि की शान का है,  

  हम लहरायेंगे हर जगह यह तिरंगा,   

 नशा ये हिन्दुस्तान के सम्मान का है


v जमाने भर में मिलते है आशिक कई,

    मगर वतन से खुबसूरत कोई सनम नहीं,

    नोटों में लिपटकर,   

    सोने में भी सिमट कर मरे है कई,

   मगर तिरंगे से खुबसूरत कोई कफ़न नहीं|


v आओ झुक कर करें सलाम,

    जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,

    कितने खुशनसीब है वो लोग,

   जिनका खून वतन के काम आता है|

  

v चलो फिर से आज वो नजारा याद कर लें,

    शहीदों के दिल में थी जो ज्वाला वो याद कर लें,

   जिसमे बहकर आजादी पहुंची थी किनारे पे,

    देशभक्तों के खून की वो धरा याद कर लें| 

v देशभक्तों को अक्सर लोग पागल कहते है,
कह दो उन्हें...
सीने पर जो जख्म है,
सब फूलो के गुच्छे है,
हमें पागल ही रहने दो हम पागल ही अच्छे हैं|


v तैरना है तो समन्दर में तेरो,
नालो में क्या रखा है,
प्यार करना है तो देश से करो
ओरो में क्या रखा है

v आन देश की शान देश की,
देश की हम संतान है,
तीन रंगों से रंगा तिरंगा,
अपनी ये पहचान है  
v मै इसका हनुमान हूँ,
ये मेरा राम है,
छाती चीर कर देख लो,
अन्दर बैठा हिंदुस्तान है

vभारत माता तेरी गाथा,सबसे ऊँची तेरी शान, तेरे आगे शीश झुकाए, दे तुझको हम सब सम्मान!
v सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तान हमारा,हम बुलबुले है इसके यह गुलसितां हमारा

vआओ मिलकर एक हो जाए, ख़ुशी से गणतन्त्र मनाये
vहमको मिला है एक संविधान,जिसमे है हमारा सुखी विधान
vइतना ही कहेना काफी नहीं भारत हमारा मान है, अपना फर्ज निभाओ देश कहे हम उसकी शान है 
vवीर चले है देखो लड़ने, दुश्मन पर सरहद पर भिड़ने
vना जियो धर्म के नाम पर, ना मरो धर्म पर,इंसानियत ही हे धर्म वतन का बस जियों वतन के नाम पर
vगाँधीजी का था ये सपना, हो गणतंत्र देश भी अपना

vचलो फिर खुद को जगाते है,देश के शहीदों के आगे अपना सिर झुकाते है
vआज फिर गणतन्त्र दिवस आया है, जिसके लिए सेनानियों से अपना खून बहाया है
vन तेरा देश,न मेरा देश ये भूमि भारत है हम सभी का देश

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शुक्रिया